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मुद्रास्फीति समझें आसान भाषा में


मुद्रास्फीति क्या है

   

इसे हम एक छोटी कहानी के माध्यम से समझने का प्रयास करेंगे । रामू दस साल पहले एक सौ रुपया में दस किलो आलू खरीदता था किन्तु वह आज जब आलू खरीदने गया तो उसे सौ रुपये में मात्र 5 किलो आलू मिले । रामू व्यथित होकर दुकानदार से बोल उठा भाई आलू कितनी महंगी हो गई है । यहाँ हमने सिर्फ आलू का उदाहरण लिया लेकिन अगर हर वस्तु महंगी हो जाए तो रामू क्या कहेगा ?
           जवाब है सभी वस्तुएं महंगी हो गई । लेकिन अगर इसे दूसरे शब्दों में कहें तो इसका एक उत्तर यह भी हो सकता है की रुपया की कीमत कम हो गई है । आसान भाषा में मुद्रास्फीति यही है ।

आम आदमी पर मुद्रास्फीति का असर

मुद्रास्फीति का सीधा अर्थ है महंगाई का बढ़ना । निश्चित ही महंगाई आम आदमी पर अपना प्रभाव डालेगा । हर बार महंगाई का बुरा असर हो ऐसी भी कोई बात नहीं है । जब लोगों की आय अधिक मात्रा में बढ़े तो महंगाई का अधिक असर नहीं हो पाएगा । इसे आप एक उदाहरण से समझने का प्रयास करें। अगर आपकी आय 20% की दर से बढ़ जाए और महंगाई 2% की दर से बढ़े तो महंगाई का बुरा असर नहीं होगा ।

क्या सरकार भी मुद्रास्फीति को प्रभावित कर सकती है

हाँ , बिल्कुल सरकार ऐसा करती है । जब देश में लोग आर्थिक वजहों से कम क्रय विक्रय करें तो इस वजह से देश में रोजगार की समस्या उत्पन्न हो सकती है तो इस परिस्थिति से बचने के लिए सरकार बाजार में अधिक मात्र में मुद्रा का प्रवाह करती है । तब देश में लोगों के पास अधिक धनराशि की वजह से लोग अधिक खरीददारी करने लगते है । इस परिस्थिति में मांग उत्पादन से अधिक होने की वजह से कीमतों में बढ़ोतरी होने लगती है ।
   सरकार मुद्रा का प्रवाह कैसे करती है
  •  सरकार बैंकों को कम ब्याज दर पर लोन देने का निर्देश देती है।
  • सरकार अपने कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी करती है ।
  • सरकार लोगों को आर्थिक मदद पहुंचाती है ।  
  • सरकार अपना खुद का खर्च बढ़ाती है ।
  • सरकार कर की दरों को प्रभावित करती है ।


आशा करता हूँ की मुद्रास्फीति को समझने में काफी मदद मिली होगी ।

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